वाहिका यानिकी पेचिश का रोग विशेष तरह के जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न होता है. इस रोग से पीडित जब कोई स्वी-पुरुष खेतों मेँ मल त्याग करता है तो मक्खियां उस मल पर बैठकर रोग के जीवाणुओं को घरों मेँ खाद्य पदार्थों तक पहुंचा देती हैं. खेतो से लाईं सब्जियों के साथ भी प्रवाहिका के जीवाणु चिपके रहते हैं। जब ऐसी सब्जियों को जल से साफ़ किए बिना काटकर इस्तेमाल किया जाता है तो खाने वाले प्रवाडिका रोग के शिकार वन जाते हैं.

वर्षा ऋतु में कुओं, तालाबों के दूषित जल को पीने से भी प्रवाहिका रोग की उत्पत्ति होती है. उदर मेँ पहुंचकर जीवाणु तेजी से फैलते हैं और आंत्रों में जख्स बना देते हैं. फिर मल के साथ आंव व रक्त निकलने लगता है. मल का परीक्षण करने पर जीवाणु का पता चल जाता है.प्रवाहिका रोग के प्रारंभ में नाभि के आस-पास, आंत्रो में तीव्र शूल होता हे ऐठन को पीडा से रोगी दोहरा हो जाता है. मल के साथ आंव निकलती है तो वहुत दुर्कध आती है. उदर में वायु भर जाने से बहुत पीड़ा होती है अधिक रक्तस्राव होने से रोगी क्षीण होकर बिस्तर पर लेट जाता है. उसके शरीर में जल का अभाव हो जाता है.

घरेलु नुस्खे व् उपाये –

1. भुनी सौंफ 100 ग्राम, सोंठ भुनी हुई 100 ग्राम, हरड़ भुनी हुई 30 ग्राम, तीनों को कूट-पीसकर चूर्ण बना ले इसमे 250 ग्राम शक्कर मिला ले इस मिश्रण को 10 ग्राम मात्रा में हल्के उष्ण जल मे दिन मे तीन बार सेवन करे.

2. कच्ची बेल की गिरी 25 ग्राम को पुराने गुड़ 6 ग्राम के साथ दिन में चार बार सेवन कराकर, उष्ण जल पिलाने से प्रवाहिका में लाभ होता है.

3. चावलों को उबालकर दही मिलाकर खाने से बहुत लाभ होता है. दही में भुना हुआ जीरा और स्वाद के अनुसार सेधा नमक भी डालकर खाएं.

4. मेथी के दानों का चूर्ण बनाकर 3 ग्राम मात्रा मे, 100 ग्राम दही मे मिलाकर खाने से ऐठन-मरोड से मुक्ति मिलती है.

5. आम की गुठली के भीतरी भाग गिरी (बिजली) और जामुन की गुठली को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना ले इसमे से 6 ग्राम चूर्ण हल्के उष्ण जल से दिन मे चार बार सेवन करने से प्रवाहिका में रक्तस्राव भी नष्ट हो जाता है.

1. पेट में अफारे की समाश्या को करें जड़ से खत्म ये घरेलु नुस्खें – Click Here

2. दस्त, अतिसार को करेंगे जड़ से खत्म ये 13 घरेलु अचूक नुस्खे – Click Here

3. सर्दी, खांसी और कफ से एक बार में छुटकारा पाए – Click Here

6. अनार का रस 100 ग्राम सुबह-शाम पीने से रक्तस्राव बंद होता है.

7. पांच ग्राम ईसबगोल को रात्रि में जल में भिगोकर रखे सुबह उठकर पीने से प्रवाढिका का निवारण होता है. दिन में दो बार सेवन करें.

8. कुटज की छाल 10 ग्राम, अनार का छिलका 10 ग्राम, 500 ग्राम जल में उबालकर 100 ग्राम शेष रह जाने पर छानकर पीने से लाभ होता है.

9. अनार फे कच्चे फल का रस 2 तोले मात्रा में पिलाने से लाभ होता है.

10. सौंफ 100 ग्राम भुनी हुई, सौंफ 100 ग्राम बिना भुनी, सूखा धनिया, मिश्री और बेलगिरी सभी 100-100 ग्राम लेकर इसमे 30 ग्राम सोंठ मिलाकर चूर्ण बनाकर रखें 5-5 ग्राम मात्रा में इस चूर्ण को हल्ले उष्ण जल से दिन में त्तीन-चार बार सेवन करने से प्रवाहिका से मुक्ति मिलती है.

11. छोटी हरड़ और सौंफ को बराबर मात्रा में लेकर घी में भूनकर चूर्ण बनाकर, इसमें दोनों के बराबर मिश्री मिला ले इस चूर्ण को 5 ग्राम मात्रा में दिन में दो-तीन बार हल्ले उष्ण जल से सेवन करे.

12. कुटज की छाल को मठ्ठे में पीसकर सेवन करने और ऊपर से सेथा नमक, भुना जीरा डालकर मठेठे पीने से बहुत लाभ होता है.

13. सोंठ, हरड़ कं छिलके, सेधा नमक, मोरड़फली चारों को बराबर मात्रा में कूट’-पीसकर चूर्ण बना ले इस चूर्ण क्रो 5 ग्राम मात्रा में दिन मे दो-तीन बार हल्दी उष्ण जल में सेवन करने पर बहुत लाभ होता है.

14. वेलगिरी और आम की गुठली की गिरी दोनों को बराबर मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें 5 ग्राम चूर्ण हल्के उष्ण जल से सेवन करें.

15. ईसबगोल और मिश्री का चूर्ण दोनों 10-10 ग्राम, दिन मे दो से तिन बार जल के साथ सेवन करने से प्रवाहिका में बहुत लाभ होता है.

16. सोंठ जीरा, काली मिर्च और सेंधा नमक सभी बराबर मात्रा मेँ लेकर चूर्ण बना ले इस चूर्ण को 5 ग्राम मात्रा मे दिन मे दो…तीन बार तक्र या उष्ण जल से सेवन करने पर प्रवाहिका का निवारण होता है.

17. अतीस का चूर्ण 1 ग्राम, मुलहठी का चूर्ण 500 मिलीग्राम दिन मे तीन बार उष्ण जल से सेवन करने पर प्रवाहिका का प्रकोप नष्ट होता है.

18. आंवले के 10 ग्राम रस में 5 ग्राम घी और मधु मिलाकर सेवन करने और ऊपर से बकरी का दूध पीने से बहुत लाभ होता है.

19. ईसबगोल 6 ग्राम, एरंड का तेल 20 ग्राम दोनो को 100 ग्राम गाय के दूध के साथ सेवन करने से आंत्रों मेँ रुका हुआ मल निष्कासित होने से प्रवाहिका नष्ट हो जाती है.

NOTE:-

अगर हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो और आगे भी इस प्रकार की जानकरी पाने के लिए वेल आइकॉन पर क्लिक करके हमे सब्सक्राइब करें…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here