कब्ज ( कोष्ठबद्धता ) क्यों और कैसे होती है – 

इस आर्टिकल में हम कब्ज क्यों और कैसे होता होता है और इसको दूर करने के कुछ घरेलु उपाओ के बारे में जानेंगे. सुबह देर तक बिस्तर पर पड़े रहने और समय पर शोच के लिए नहीं जाने से पुरीष (मल) आंत्रो पे एकत्र होने लगता है. आंत्रो में एकत्र मल एक दिन में अधिक शुष्क और कठोर हो जाता है। कठोर मल नहीं निकल पाता आंत्रो में पुरीष का एकत्र होना ही कब्ज होती है।

कोष्ठबद्धता होने पर पेट में दर्द, वायु विकार (गैस), अफारा, जी मिचलाना, उल्टी, सिर दर्द, चवकर आना, नेत्रों के सामने अंधेरा छाना, शरीर पे आलस्य और पाचन किया की विकृति होती है. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार जब भोजन में अधिक गरिष्ठ, शुष्क अधिक मिर्च मसालों और अम्ल रसों से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पाचन किया विकृति होने से कब्ज की उत्पत्ति होती है। अधिक समय बिस्तर पर लेटकर आराम करने, शारीरिक श्रम न करने से भोजन पूरी तरह नहीं पचता और मल का अवरोध होने से कब्ज होने लगती है।

1.त्रिफला का चूर्ण – 

त्रिफला का चूर्ण 5 ग्राम मात्रा में हल्के गर्म जल के साथ रात्रि क्रो सोते समय सेवन करने से कब्ज नष्ट होती है।

2. सेब अंगूर – 

प्रतिदिन सेब, अंगूर या पपीता खाने से कब्ज का निवारण होता है।

3. बडी हरड़ – 

बडी हरड़ को कूट पीसकर चूर्ण बनाकर रखे। 5 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल फे साथ सेवन करने से कब्ज नष्ट होती है। अधिक कब्ज होने पर कई दिन तक चूर्ण का सेवन कर सकते हैँ।

1. दस्त, अतिसार को करेंगे जड़ से खत्म ये 13 घरेलु अचूक नुस्खे – Click Here

2. अपच ( बदहजमी ) के अचूक घरेलु इलाज, करेंगे जड़ से खत्म – Click Here

3. पेट के दर्द को करेंगे जड़ से खत्म ये घरेलु उपाएँ – Click Here

4. गाजर, मूली, प्याज, टमाटर – 

प्रतिदिन भोजन के साथ गाजर, मूली, प्याज, टमाटर, खीरा व चुकंदर का सलाद बनाकर, नीबू का रस और सेधा नमक मिलाकर सेवन करने से कब्ज का निवारण होता है ।

5.पालक, मेथी, बथुआ – 

कब्ज से पीडित रहने वाले स्त्री-पुरुषों क्रो प्रतिदिन पालक, मेथी, बथुआ या चौलाई क्री सब्जी खाने से कब्ज से मुक्ति मिलती है।

6. गाजर या संतरे – 

गाजर या संतरे का 200 ग्राम रस पीने से कब्ज नष्ट होती है। रसो का दो-तीन दिन तक अवश्य सेवन करना चाहिए।

7. अजवायन – 

अजवायन 10 ग्राम, त्रिफला 10 ग्राम और सेधा नमक 10 ग्राम लेकर किसी खरल मे पीसकर चूर्ण बनाकर रखे। प्रतिदिन 3 से 5 ग्राम मात्रा मे इस चूर्ण को हल्ले गर्म जल के साथ सेवन करने से कठोर कब्ज भी नष्ट हो जाती है।

8. गुलकंद – 

प्रतिदिन रात को सोने से पहले 30 ग्राम गुलकंद खाकर दूध पीने से कब्ज नष्ट होती है।

9.नीबू का रस – 

200 ग्राम हल्के गर्म जल में 5 ग्राम नीबू का रस और 5 ग्राम अदरक का रस और 10 ग्राम मधु मिलाकर सेवन करने से कब्ज शीघ्र नष्ट होती है।

10. गर्म जल – 

रात्रि में सोने से 30-40 मिनट पहले गर्म जल में 10 ग्राम मधु मिलाकर पीने से प्रात: खुलकर शोच आती है। कुछ दिनो तक सेवन करने से कब्ज पूरी तरह नष्ट हो जाती है।

11. छोटी हरड़ – 

5 ग्राम छोटी हरड़ और 1 ग्राम दालचीनी लेकर कूढ-पीसकर चूर्ण बनाकर रखें। 3 ग्राम चूर्ण हल्ले गर्म जल के साथ रात्रि में सोने से पहले सेवन करने से कब्ज नष्ट होती है।

12. मिश्री – 

5 ग्राम नीबू के रस को 200 ग्राम जल मे मिलाकर उसमे 10 ग्राम मिश्री घोलकर पीने से कब्ज नष्ट होती है।

13. अंजीर – 

5-6 अंजीर 250 ग्राम जल मे उबालकर, छानकर जल पीने से कब्ज का शीघ्र निवारण होता है।

14. गर्म दूध – 

20 ग्राम ईसबगोल रात्रि क्रो सोने से 30 मिनट पहले गर्म दूध के साथ सेवन करने से कब्ज शीघ्र नष्ट होती है।

15. ग्यारपाठा – 

20 ग्राम मात्रा में ग्यारपाठा को पीसकर उसमे थोड़ा-सा काला नमक मिलाकर प्रात: और सायं खाने से क्रोष्ठबरुद्भता का निवारण होता है रोगी को खाली पेट ही इसका सेवन करना चाहिए।

16. 25-30 गिलास जल – 

कोष्ठबदृद्गता के रोगी को दिन में 25-30 गिलास जल अवश्य पीना चाहिए।

अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो और आगे भी इसी प्रकार की जानकारी पाने के लिए वेल आइकॉन पर क्लिक करके हमे सब्सक्राइब करें.धन्यवाद…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here