अनिद्रा रोग की उत्पत्ति कैसे होती है – 

आधुनिक परिवेश में फिल्म, टेलीविजन ओर दूसरी पार्टियों में स्त्री पुरुष इतनी अधिक देर तक व्यस्त रहते हैं कि उनके मस्तिष्क पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव से नींद कम होती चली जाती है. ऐसी स्थिति में अधिकांश स्त्री पुरुष अनिद्रा रोग के शिकार होते हैं. अनियमित भोजन और अधिक मिर्च मसालों व अम्ल रसो से बने चटपटे व्यंजन, चाइनीज औंर फास्ट फूड भी मस्तिष्क को हानि पहुंचाकर नीद को नष्ट कर देते हैं. जो स्त्री पुरुष प्रतिदिन स्नान नहीं करते, वस्त्र नहीं बदलते, ऐसे स्त्री पुरुषों की नींद कम होने लगती है. ग्रीष्म ऋतु में प्रतिदिन स्नान न करने से और त्वचा पर धूल मिटूटीं और पसीने फे सूख जाने से शरीर में इतनी बेचैनी होती है कि बिस्तर पर लेटे व्यक्ति की नींद गायब हो जाती है.आधुनिक परिवेश में मानसिक तनाव के कारण नीद की सबसे अधिक हानि होती हे दिन-प्रतिदिन नींद कम होती जाती है और “फिर नींद आंखो से कोसों दूर चली जाती है. मानसिक तनाव से पीडित स्त्री-पुरुष जब अनिद्रा रोग के शिकार बनते हैं तो “नीद की गोलियां’ खाकर सोने की कोशिश करते हैं इन गोलियों से प्रारंभ में कुछ नीद आती हे, लेकिन फिर नींद कही दूर चली जाती है. अनिद्रा रोग में नींद की विकृति कईं तरह की होती है कुछ स्त्री-पुरुष बिस्तर पर लेटते ही सो जाते हैं, लेकिन एक-दो घंटे बाद ही उनकी नीद टूट जाती है और वे फिर बिल्कुल नही सो पाते स्वी-पुरुषो को बिस्तर पर लेटने के बाद घंटों नीद नहीं आती, आधी रात गुजर जाती तो उन्हे थोडी देर के लिए नींद आती है. कुछ स्वी-पुरुषो की सारी रात जागते हुए, बिस्तर पर करवटें बदलते गुजर जाती है. कुछ स्त्री-पुरुषो को सुबह के समय थोडी देर के लिए नीद आती है.

1. प्रतिदिन स्नान न करने से त्वचा पर धूल-मिटूटीं जम जाती है, पसीने के कारण नीद कम होने लगती है इसलिए रोगी क्रो प्रतिदिन स्नान करना चाहिए. ग्रीष्म ऋतु में सुबह-शाम अवश्य स्नान करना चाहिए.

2. रान्नि को भैंस का दूध मिसरी मिलाकर पीने से गहरी नींद आती है.

3. सिर में ब्रह्नी या मृगराज के तेल की मालिश करने से अनिद्रा का नाश होता है. गहरी नीद आती है.

4. आम का रस 250 ग्राम, मिसरी डालकर शाम को पीने से अच्छी नीद आती है.

5. नीबू का 10 ग्राम रस, मधु 20 ग्राम में मिलाकर सेवन करने से अनिद्रा का निवारण होता है.

6. सोने से एक घंटा पहले दही की मीठी लस्सी पीने से नींद आती है.

7. शाम को गाजर का रस 250 ग्राम पीने से नींद न आने को विकृति नष्ट होती है.

8. शाम को भ्रमण करने से अनिद्रा रोग नष्ट होता है.

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9. क्रोष्ठबद्धता के कारण अनिद्रा की विकृति होने पर 10 ग्राम त्रिफ्ला चूर्ण दूध के साथ सेवन करने पर क्रोष्ठबदृद्रता नष्ट होने पर गहरी नीद आती है.

10. ग्रीष्म ऋतु में मेहंदी के पत्ते जल के साथ पीसकर हाथ-पांव और सिर पर लगाने से अनिद्रा नष्ट होती है.

11. ब्राही और शंखपुष्पी का रस 10-10 ग्राम मात्रा में लेकर 250 ग्राम दूध के साथ पीने से गहरी नीद आती है.
सर्प्रगंधा का चूर्ण 3 ग्राम हल्ले उष्ण जल से लेने पर नीद आती है.

12. प्याज़ का रस 20 ग्राम, वैगन के पत्तों का रस 20 ग्राम और 10 ग्राम मधु मिलाकर रात्रि में सेवन करने से अनिद्रा रोग नष्ट होता है.

13. कासनी के बीज का चूर्ण बनफ़सा के शरबत के साथ सेवन करने से अनिद्रा की विकृति नष्ट होती है.

14. गुलाब के फूल 150 ग्राम मे भांग 50 ग्राम कूटकर उसमे 300 ग्राम मिसरी भी मिला दें इसमे से 20 ग्राम चूर्ण दूध के साथ सेवन करने से गहरी नीद आती है.

15. 5 ग्राम सौंफ को 50 ग्राम जल में उबालकर 20 ग्राम शेष रह जाने पर 250 ग्राम दूध के साथ सेवन करने पर गहरी नींद आती है.

16. सर्पगंधा और काली मिर्च दोनो 25 -25 ग्राम लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर रखे 2 ग्राम चूर्ण रात्रि को बिस्तर पर जाने से एक घंटा पहले जल के साथ सेवन करें.

17. जायफल को गाय के घी मे घिसकर तलवों और पलकों पर लगाने से अच्छी नींद आती है.

18. मुचकंद के फूलो को पीसकर तक्र के साथ सेवन करने से नीद आती है असगंध का चूर्ण 5 ग्राम मात्रा मेँ थोडा सा घी और शक्कर मिलाकर खाने से अनिद्रा रोग नष्ट होता है.

19. पुनर्नवा का रस 10 ग्राम सुबह-शाम सेवन करने से रक्तचाप कम होने पर गहरी नींद आती है.

20. शंखपुष्पि और अश्वगंधा का चूर्ण बराबर मात्रा में लेकर, 3 ग्राम चूर्ण घी और मिसरी मिलाकर सेवन करें. गहरी नींद आएगी.

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